जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अपात्रों को मुआवजा वितरण मामले में उमरिया कलेक्टर एवं एसपी से पूछा है कि फील्ड डायरेक्टर बांधवगढ़ की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई क्यों नहीं की। एक अवमानना मामले में जस्टिस आरएस झा एवं जस्टिस संजय द्विवेदी की खंडपीठ ने कलेक्टर अमरपाल सिंह और एसपी डॉ. असित यादव को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।    राजेश तिवारी ने पूर्व में एक जनहित याचिका दायर कर बताया था कि बांधवगढ़ में 2016 में कुछ गांवों का विस्थापन किया गया था। इसमें एक दर्जन से अधिक लोगों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए मुआवजा वितरण किया गया। शिकायत पर फील्ड डायरेक्टर बांधवगढ़ ने 29 मार्च 2017 को जांच अपनी जांच रिपोर्ट में बताया कि मुआवजा वितरण में अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने बैंक को पत्र लिखकर राशि का वितरण नहीं करने की अनुशंसा भी की थी।   इस मामले में हाईकोर्ट ने 2018 में कलेक्टर और एसपी को फील्ड डायरेक्टर की जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। आदेश के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर अवमानना याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शक्ति प्रकाश पांडे ने पैरवी की।